ऊष्मा किसे कहते हैं? | ऊष्मा का मात्रक

ऊष्मा किसे कहते हैं? | ऊष्मा का मात्रक

ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा हैं, जो ताप के अन्तर के कारण उच्च ताप की वस्तु से निम्न ताप की वस्तु की ओर प्रवाहित होती हैं. यह क्रिया तब तक चलती जब तक की दोनों वस्तुओं के ताप समान नहीं हो जाते.

ऊष्मा क्या हैं : What is Heat

ऊष्मा की परिभाषा – वह भौतिक कारण जिसमें हमे ठण्डक या गर्मी का अनुभव होता हैं, ऊष्मा कहलाता हैं.

ऊष्मा के मात्रक : Units of Heat

ऊष्मा के निम्नलिखित मात्रक होते हैं –

जूल : Joule

MKS प्रणाली में ऊर्जा का मात्रक जूल हैं. चूँकि ऊष्मा ऊर्जा का ही एक मात्रक हैं, अत: ऊष्मा का मात्रक जूल हैं.

मतलब -  1 जूल वः ऊष्मा हैं, जो 1/4.2 ग्राम जल का ताप 1C बढ़ाने में व्यय होती हैं.

                                     1 जूल = 1/4.2 कैलोरी

कैलोरी : Calorie

1 ग्राम शुद्ध जल का ताप 1C (14.5C से 15.5C) तक बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती हैं. उसे 1 कैलोरी कहते हैं.

CGS प्रणाली में ऊष्मा की इकाई कैलोरी हैं.

                            1 कैलोरी = 4.2 जूल या 4.2 जूल लगभग

सेंटीग्रेड हिट यूनिट : Centigrade Heat Unit (CHU)

एक पौण्ड पानी का तापमान 1C बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती हैं, उसे CHU कहते हैं.

                                     1 CHU = 453.6 कैलोरी

ब्रिटिश थर्मल यूनिट : British Thermal Unit (BTHU)

एक पौण्ड पानी का तापमान 1C बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है, उसे एक BTHU कहते हैं.

                                      1 BTHU = 252 कैलोरी

कॉन्टिनेंटल इंजीनियर्स यूनिट : Continental Engineers Unit (CEU)

एक किलोग्राम पानी का तापमान बढ़ाने के लिए आवश्य ऊष्मा को कॉन्टिनेंटल इंजीनियर्स यूनिट (CEU) कहते हैं.

थर्म : Therm

यह गैस कम्पनियों व्दारा प्रयोग की जाने वाली एक विशेष यूनिट हैं. यह 1000 पौण्ड पानी का तापमान 100F बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा हैं.]

ऊष्मा के प्रभाव : Effects of Heat

ऊष्मा के निम्नलिखित प्रभाव हैं –

·       तापक परिवर्तन - गर्म करने से किसी वस्तु की गर्मी बढ़ जाती हैं परन्तु ऊष्मा लेने से ठण्डी हो जाती हैं.

·       आकार में परिवर्तन - अधिकतर पदार्थो का आयतन गर्म करने पर बढ़ जाता हैं ठण्डा करने पर घटता हैं.

·       अवस्था में परिवर्तन - पानी ठण्डा करने पर बर्फ अर्थात ठोस, गर्म करने पर भाप बन जाता हैं. बर्फ को गर्म करने पर पानी में बदल जाता हैं.

·       रासायनिक परिवर्तन - जो पदार्थ साधारण ताप पर आपस में नहीं मिलते, वे गर्म करने पर मिल जाते हैं मतलब की उनमें रासायनिक परिवर्तन हो जाता हैं. जैसे – लोहा और गंधक.

·       भौतिक गुणों में परिवर्तन - ऊष्मा वस्तु के भौतिक गुणों, जैसे – कठोरता में परिवर्तन ला देती हैं.

·       विधुत प्रभाव - ऊष्मा के व्दारा विधुत की धारा बहती हैं.

ऊष्मा के साधन : Resources of Heat

ऊष्मा हमें सूर्य से या कोयला आदि को जलाने पर, विधुत व्दारा, घर्षण व्दारा, अणुओं की ऊर्जा व्दारा मिलती हैं.

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