रासायनिक अभिक्रिया, अभिकारक और प्रतिफल किसे कहते हैं ? What is Chemical Reaction, Reactant and Product in Hindi

रासायनिक-अभिक्रिया-किसे-कहते-हैं

जब दो या अधिक परमाणु परस्पर संयोग करके अणु का निर्माण करते हैं. जब कोई पदार्थ (तत्व या यौगिक) किसी दुसरे पदार्थ के साथ संयोग करता हैं तब उन पदार्थो के अणु परमाणुओं में टूट जाते हैं और इन्ही परमाणुओं के पुनर्संगठन (rarrangement) से भिन्न पदार्थ के अणु बनते हैं. इस प्रक्रिया को रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं.

रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं?

जब कोई पदार्थ अकेले ही या किसी किसी दुसरे पदार्थ से क्रिया करके अलग गुण वाले एक या उससे अधिक नए पदार्थो का निर्माण करता है, तब वह प्रक्रिया रासायनिक अभिक्रिया कहलाती हैं.

अभिकारक और प्रतिफल किसे कहते हैं?

परिभाषा - जो पदार्थ रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेकर नए पदार्थ बनाते हैं उन्हें अभिकारक (reactant) कहते हैं और रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप बने नए पदार्थ प्रतिफल (product) कहलाते हैं.

उदाहरण – जब हाइड्रोजन और क्लोरिन के मिश्रण को यदि सूर्य के प्रकाश में रखा जाए तो ये दोनों परस्पर क्रिया करके हाइड्रोजन क्लोराईड का निर्माण करते हैं.

H2 + Cl2 = 2HCl

H2 और Cl2 ये दोनों अभिकारक (reactants) कहलाते हैं तथा इनसे बना नया इनसे बना नया पदार्थ HCl प्रतिफल (product) कहलाता है.

रासायनिक अभिक्रिया के गुण

रासायनिक अभिक्रिया के मुख्य गुण निम्नलिखित हैं –

1.     गैस की उत्पति – कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ ऐसी हैं जिनमें कोई गैस उत्पन्न होती हैं.

जैसे – दानेदार जस्ता की अभिक्रिया तुन हाइड्रोक्लोराइड अम्ल या तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से करने पर हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती हैं.

 

2.     अवक्षेप का बनना – अवक्षेप एक ठोस पदार्थ हैं, जो रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप विलयन में से पृथक हो जाता हैं.

जैसे – सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन में सिल्वर नाईट्रेट का विलियन डालने पर सिल्वर क्लोराइड का दही जैसा सफेद अवक्षेप प्राप्त होता हैं.

 

3.     रंग परिवर्तन – कुछ रासायनिक अभिक्रिया में पदार्थों के रंग में भी परिवर्तन होता हैं.

जैसे – पोटैशियम परमैगनेट के बैगनी रंग के विलयन में थोड़ा – थोड़ा करके नींबू का रस निचोड़कर पर विलयन का बैगनी रंग धीरे – धीरे गायब होने लगता हैं.

 

4.     ताप में परिवर्तन – कुछ रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप ताप में परिवर्तन होता हैं.

जैसे – यदि कलि – चुना (quicklime) के एक ढेले पर जल गिराया जाए तो पर्याप्त मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है जिससे अभिक्रिया – मिश्रण का ताप बहुत बढ़ जाता हैं.

 

5.     अवस्था में परिवर्तन – कुछ रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप पदार्थो की अवस्था में भी परिवर्तन होता हैं.

जैसे – मोमबती को जलाने पर मोम का कुछ भाग द्रवित होकर निचे गिरता हैं और कुछ भाग वाष्प में परिवर्तित होकर जलता हैं. इस प्रक्रिया के कारण मोमबती के अवस्था में परिवर्तन होता हैं.

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